नई दिल्ली: संसद की सुरक्षा में हुई बड़ी चूक से जुड़े मामले में एक अहम मोड़ आया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को इस मामले में दो आरोपियों – नीलम आज़ाद और महेश कुमावत – को जमानत दे दी है। जबकि दिल्ली पुलिस ने उनकी जमानत याचिका का विरोध किया था, कोर्ट ने दोनों को राहत देते हुए जमानत मंजूर कर ली।
यह मामला साल 2023 का है, जब कुछ लोगों ने संसद (लोकसभा) के अंदर घुसकर सुरक्षा घेरे को तोड़ा था। उन्होंने पीली गैस छोड़ी और नारेबाजी की थी। इस घटना ने संसद भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे और पूरे देश में इस पर तीखी प्रतिक्रिया हुई थी।
अब जब कोर्ट ने दो आरोपियों को जमानत दी है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में इस मामले की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।
यह घटना संसद जैसे उच्च-सुरक्षा क्षेत्र में हुई थी, इसलिए इसे देश की सुरक्षा व्यवस्था से जोड़कर देखा गया था और कई राजनीतिक दलों ने भी इसे लेकर सरकार से जवाब मांगा था।